देहरादून। प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, भर्ती घोटालों और महंगाई के मुद्दे को लेकर हजारों उत्साही कांग्रेसियों के राजभवन कूच से राजनीतिक तापमान कई गुना बढ़ गया।
सोमवार की सुबह ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में उमड़े कांग्रेसियों के सैलाब ने 2027 के विधानसभा चुनाव की ठोस तैयारी पर भी मुहर लगा दी। सोमवार के राजभवन कूच में कांग्रेस की मेहनत सड़कों पर खूब झलकी।
आज के राजभवन कूच में प्रभारी शैलजा की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ नेता एकसाथ खड़े नजर आए। और जोशीले अंदाज में भाजपा की कमियों को गिनाते हुए 2027 में विजयश्री हासिल करने का संकल्प लिया।
प्रदेश के 13 जिलों से परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने लगभग 4 किमी लम्बे कूच के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
कांग्रेस की चुनावी टीम बनने के बाद गोदियाल के नेतृत्व में यह पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम था। इस कूच में वक्ताओं ने कानून व्यवस्था, भ्र्ष्टाचार व महंगाई के अलावा अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भी खूब सवाल उठाए।
16 फरवरी के राजभवन कूच से कांग्रेस कर नेताओं के बीच ऊपरी तौर पर एकजुटता की विशेष छाया नजर आयी। इसी एकजुटता के संकल्प के साथ कांग्रेस अगला बड़ा प्रदर्शन कुमाऊं में करेगी।
गौरतलब है कि लगभग तीन महीने पहले नवंबर माह में कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल-हरक व प्रीतम सिंह को विधानसभा चुनाव की कमान सौंपते हुए भाजपा को सचेत कर दिया था।
इधऱ, गोदियाल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद पार्टी खेमे में विशेष उत्साह भो देखा जा रहा है। कूच के बाद शैलजा ने सभी नेताओं को बधाई देते हुए पीठ भी थपथपाई।
लंबे समय बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच पिघली बर्फ से उभरे संदेशों ने भाजपा खेमे को भी चिंता में डाल दिया है। अब केंद्रीय भाजपा नेतृत्व के सामने प्रदेश नेताओं के बीच समन्वय बनाना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया।











