देहरादून के परेड ग्राउंड में उत्तरायणी कौथिग’ चल रहा था। देश प्रदेश के ‘गढ़ मान्य’ उपस्थित थे।
अपने भाषण के दौरान अचानक से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी रो पड़ी।
दरअसल ‘मिसेज मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शिरकत करने गई थीं। कार्यक्रम महिलाओं को लेकर था।
मंच से अपने संबोधन के दौरान मैडम भावुक हो गईं और उनके आंसू निकल आए।
इस मौके पर उन्होंने ऐसा भाषण दिया कि जनता भी असमंजस में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कि पत्नी कार्यक्रम में आती है, थोड़ा सा भावुक और उत्तेजित स्वर में महिलाओं को संबोधित करती है और अचानक रो पड़ती है।
उनका कहना है कि मेरे पति ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कभी भी एक दिन की छुट्टी नहीं ली।
सीएम 2 नकल विरोधी कानून की बात कर रही थे, लेकिन नकल माफिया हाकम सिंह को जमानत मिल गई, तो कहां गया नकल विरोधी कानून?
लंबे समय से राज्य में विभिन्न विभागों में आंदोलनरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजन माताएं, अतिथि शिक्षक एवं अन्य मुद्दों को भूलकर एक महिला कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी का भावुक होना जनता को समझ नहीं आ रहा है।
हालांकि वह पति को लेकर, जो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, पुष्कर सिंह धामी को घरेलू कार्य में समय ना देने के कारण अपने आंसुओं से महिला जनसमूह कार्यक्रम को संबोधित कर रही है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के जाने माने नेता उपस्थित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की पत्नी का सार्वजनिक मंच पर भावुक होना कहीं ना कहीं राजनीतिक संकेत देता है।
क्या किया महिलाओं के लिए
अंकिता भंडारी हत्याकांड अमेरिका के अखबारों में तक छप चुका है, लेकिन उत्तराखंड सरकार चुप्पी साधे हुए है।
आंगनवाड़ी में महिलाएं हैं या नहीं ?
प्रदेश भर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री लंबे समय से आंदोलनरत हैं, उनकी मांगों को लेकर क्यों नहीं कहा गया है माननीय द्वारा?
भोजन माताएं हड़ताल पर
प्रदेश भर में 5000 से अधिक भोजन माताएं लंबे समय से अपने मानदेय बढ़ोतरी के लिए आंदोलनरत हैं। इन महिलाओं के लिए भी वह कुछ कह सकती थी मच से।
जबकि सूबे के सूबेदार उनके पति हैं।
तब नहीं छलके आंसू
ऋषिकेश और हरिद्वार सहित राजधानी देहरादून में महिलाओं की हत्या
राजधानी देहरादून में एक बिटिया को चापड़ (जो की धारदार हथियार होता है), सरेआम हत्या कर दी गई, ऋषिकेश में एक महिला को घर पर जाकर गोली मार दी गई, ऐसा ही घटना कर्म माननीय के क्षेत्र में भी हुआ है, जिसमें कि महिला गंभीर रूप से घायल है।
इन मुद्दों से ध्यान हटाकर मुख्यमंत्री की पत्नी का अचानक से बीच में आना और ऐसा बयान देना और आंसू बहाना जनता की रास नहीं आ रहा है।
यह लगता है कि मुख्यमंत्री जी को छुट्टी चाहिए, तो वह अपनी धर्मपत्नी की सिफारिश लगा रहें हैं, वह प्रधानमंत्री से छुट्टी ले लें।
हालांकि मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली पर कोई सवाल नहीं होता है, लेकिन उनका सार्वजनिक राजनीतिक जीवन है, जिसमें कि परिवार को दखलंदाजी करना जनता को उचित नहीं लग रहा है।
अब देखना होगा कि प्रदेश की जनता इस घटनाक्रम को कैसे महसूस करती है।
अन्यथा अगले चुनाव में जनता “लम्बी छुट्टी” पर भेजेने की तैयारी करने मे लगी है।










