बीते बुधवार 28 जनवरी को प्लेन क्रैश के दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था। जाते-जाते वह अपने परिवार के लिए अपार संपत्ति छोड़ गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान, अजित पवार ने अपनी कुल नेट वर्थ लगभग 124 करोड़ रुपये बताई थी। उन्होंने 8.22 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल संपत्ति और 37.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति लिस्ट की थी। उनकी निजी संपत्ति में दो कारें, एक टोयोटा कैमरी और एक होंडा CRV, एक ट्रैक्टर, चांदी का सामान, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और बॉन्ड शामिल थे।
उनकी पत्नी, राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के पास 14.57 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 58.39 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी।
एफिडेविट से यह भी पता चला कि पवार के पास 14.12 लाख रुपये कैश, बैंक खातों में 6.81 करोड़ रुपये, 55 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश और 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की LIC पॉलिसी थी। सुनेत्रा पवार के पास इसके अलावा 44 लाख रुपये से ज्यादा की LIC पॉलिसी भी थी।
अजित पवार की संपत्ति
ADR यानी एसोसिएट ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार के पास कुल 124 करोड़ 55 लाख 30 हजार 888 रुपये की संपत्ति थी। की महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के बाद जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने सेल्फ इनकम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई थी।
राजनीतिक सफर
अजित पवार ने साल 1989 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। तब वह को ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने गए थे। साल 1991 में वह पुणे जिला केंद्र सरकारी बैंक के अध्यक्ष बने। साल 1991 में ही उन्होंने पहली बार बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा और बाद में चाचा शरद पवार के लिए सीट छोड़ दी थी।
बारामती विधानसभा सीट से वह 7 बार विधायक रहे हैं। यहां उन्होंने 1991 में उप चुनाव में विधायक के तौर पर पहली जीत दर्ज की। बाद में 1995, 1999, 2009 और 2014 के चुनाव में भी विजयी रहे।
हालांकि, बाद में अंदरूनी कलह के बाद उन्होंने सीनियर पवार से अलग होकर पार्टी के दो गुट बनाए। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार में शामिल होकर राज्य के 6वीं बार उपमुख्यमंत्री बने। फरवरी 2024 में ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग ने उन्हें पार्टी का आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
उनके आकस्मिक निधन से उनके प्रशंसकों में उदासी छाई हुई है।











