देहरादून। लम्बे समय से उत्तराखंड कर्मचारी संघ अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत है। बीते बुधवार को कैबिनेट बैठक में इन कर्मियों की मांगे न रखने से सभी उपनलकर्मचारियों में आक्रोश है।
उपनल कर्मचारी महासंघ ने समान कार्य के लिए समान वेतन का कैबिनेट में प्रस्ताव न आने पर नाराजगी जताई है। महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा, एक सप्ताह के भीतर यदि कोई आदेश न हुआ तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
उपनल कर्मचारियों के मसले पर कैबिनेट में चर्चा हुई, लेकिन इसके प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। बताया गया कि उपनल कर्मचारियों के मसले पर कुछ नए प्रस्ताव सामने आए हैं। अगली कैबिनेट में उनके प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
उपनल कर्मचारियों के मुताबिक कर्मचारी कैबिनेट में उनका प्रस्ताव आने की उम्मीद लगाए थे, जो प्रस्ताव न आने से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पहले हाईकोर्ट, फिर सुप्रीम कोर्ट से कर्मचारियों के पक्ष में फैसले के बाद भी कर्मचारियों को न तो नियमित किया जा रहा है न ही उन्हें अब तक समान कार्य के लिए समान वेतन दिया गया। उपनल कर्मचारियों ने कहा, सरकार ने उनके मसले पर वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की उप समिति का गठन किया हुआ है। लेकिन उसके बाद भी कर्मचारियों के हितों पर ध्यान नहीं दिया गया।
अब ऐसे में उपनल संगठन नई रणनीति बनाकर आंदोलन को विवश हो रहा है, जिस कारण सरकार की मुसीबतें बढ़ना तय है।







