पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां चाची और चचेरे भाइयों ने मिलकर एक वनराजी युवक की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपियों ने शव को जंगल में ले जाकर छिपा दिया, ताकि मामला सामने न आ सके।
मृतक की पहचान धारचूला विकासखंड के किमखोला के भगतिरुवा तोक निवासी कुंदन सिंह रजवार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 22 मार्च की शाम पड़ोस में रहने वाले आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और शव भी बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 मार्च की शाम बसंती देवी, उसके पुत्र रमेश सिंह, जनक सिंह और प्रदीप सिंह ने कुंदन सिंह रजवार पर लोहे की पाइप और लकड़ी के डंडों से हमला कर दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि कुंदन की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने अगले दिन सुबह शव को घर से उठाकर झिपुखोला गधेर जंगल में ले जाकर पत्थरों और मिट्टी से ढक दिया। उनका मकसद था कि किसी को हत्या की भनक न लगे और मामला दबा रहे।
23 मार्च को मृतक की पत्नी रेखा देवी ने जौलजीबी पुलिस को तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।












