देहरादून। स्कूलों के रिजल्ट आते ही शिक्षा माफिया की चांदी काटने का मौसम शुरू हो जाता है। सांठ-गांठ कर स्कूल प्रबंधन, बुक डिपो और यूनिफॉर्म संचालक मजबूर अभिभावकों की दोनों हाथों से जेब कतरने का क्रम शुरू देते हैं। लेकिन, शिक्षा माफिया की करतूत की भनक लगते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाराजगी दिखाई तो जिलाधिकारी (डीएम) सविन बंसल भी रौद्र रूप में आ गए। उन्होंने प्रशासन की अलग-अलग टीमें गठित की और शनिवार शाम को शहर के कई बुक डिपो पर रेड कर दी। जो सच्चाई सामने आई, वह चौंकाने वाली है। बुक डिपो संचालक बिना बिल के स्टेशनरी बेच रहे हैं और कॉपी-किताबों के बंडल में जबरन अनचाही वस्तुएं/सामग्री भी ठूंस रहे हैं। साथ ही टैक्स के रूप में मिलने वाले जीएसटी को भी बुक डिपो संचालक अपनी जेब में ठूंस रहे हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बुक डिपो संचालकों की बिल बुक कब्जे में ली गई हैं और जिलाधिकारी ने तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश भी जारी करवा दिए।