अल्मोड़ा। बिनसर धाम सोनी के निकट सोनी देवलीखेत और जालीखान में शराब की दुकान खुलने सातवें दिन कृषक कृषि बागवानी और उद्यमी संगठन के महासचिव जिला आबकारी अधिकारी अल्मोड़ा मनोज उपाध्याय पर गर्ज पड़े,दीपक करगेती ने आंदोलन स्थल से मनोज उपाध्याय मुर्दाबाद के नारे लगाए और जिला आबकारी अधिकारी पर पूर्व में लगे भ्रष्टाचारों को उजागर करते हुए कहा ऐसे भ्रष्ट अधिकारी मंदिरों और ग्रामीण स्थलों को भी शांत नहीं रहने देंगे क्योंकि इन्होंने तो उत्तराखंड को बेच खाने की कसम खाई है।दीपक ने आंदोलन स्थल से बताया कि वर्तमान जिला आबकारी अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप मैंने पूर्व में निलंबित रह चुके हैं,दीपक ने बताया कि 2018-19 में जिला आबकारी अधिकारी देहरादून रहते हुए इस अधिकारी पर नौ करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी के आरोप थे,जिसमें वर्ष 2019-20 में आबकारी आयुक्त ने इनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही भी अपनाई थी और इनके द्वारा की गई वसूली को राजस्व कोश में जमा करने के आदेश दिए गए थे।लेकिन न तो राजकोष में वो धनराशि जमा की गई और न ही कोई ठोस कार्यवाही और भी सरकार ने उन्हें ईनाम देते हुए अल्मोड़ा जिले का आबकारी अधिकारी बना दिया ताकि वहां की शांत वादियों को भी शराब का अड्डा बना दें और गांव घर भी सुरक्षित न रहें।इसी मेहरबानी के कारण ये आज कोई भी बेतुका निर्णय जो जनता की भावनाओं के विरुद्ध है लेने को आतुर हैं।
आंदोलन को आज सोनी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विपिन उपाध्याय द्वारा समर्थन देते हुए कहा गया कि समाज के हित में हम सदैव शराब का विरोध करते थे और करते रहेंगे।
शराब के ठेके खोलकर सोनी देवलीखेत को बर्बाद करने का यह निर्णय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सेवानिवृत्त श्याम दत्त पपने ने कहा कि जन चेतना लाना अनिवार्य है,और ऐसे शांति पूर्वक किए जा रहे आन्दोलन ही प्रशाशन को जगा सकते हैं।
आंदोलन में हिमांशु आर्या ने कहा कि निरस्त होने के आदेश आने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
समर्थन में नवीन प्रकाश, हरीश उपाध्याय,खेम चंद्र उपाध्याय,चेतन बिष्ट, दिव्या रावत , जानकी देवी, सरस् आदि लोग उपस्थित रहे।