नववर्ष पर भाजपा को झटका
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी भगत राम कोठारी लंबे समय से जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलनरत रहे हैं। वहीं अब उनका पार्टी से इस्तीफा देना अपने आप में भाजपा को कटघरे में खड़ा करता है।
लंबे समय से विवादों में चल रही भारतीय जनता पार्टी अंकिता हत्याकांड पर चुप्पी साधे है, ऐसे में लगातार भाजपा नेताओं का इस्तीफा सामने आ रहा है।
अब पूर्व राज्य मंत्री और दिग्गज नेता भगत राम कोठारी के इस्तीफा के बाद धामी सरकार की मुश्किलें बढ़ना तय है।
इस्तीफे का निर्णायक कारण अंकिता भंडारी हत्याकांड रहा, जो आज भी उत्तराखंड की राजनीति को झकझोर रहा है। पौड़ी गढ़वाल की युवा रिसेप्शनिस्ट अंकिता की 2022 में हुई हत्या के मुख्य आरोपी एक पूर्व भाजपा नेता के बेटे से जुड़े होने के बावजूद मामले में न्याय नहीं मिल सका। कोठारी ने भावुक होकर कहा, “अंकिता हमारी बेटी है। राज्य में महिलाओं की असुरक्षा का यह प्रतीक है। मैंने इसके लिए लगातार न्याय की आवाज उठाई, समाचारों के माध्यम से जागरूकता फैलाई।” लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने राजनीतिक सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस मामले में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। यही वह अंतिम बिंदु था जिसने दशकों की सेवा के बाद भाजपा से नाता तोड़ने का मन बना दिया।
उन्होंने कहा है कि सरकार जनता के मुद्दों से लेकर बेखबर है। राज्य आंदोलनकारी के नाते मेरी प्राथमिकता पहले राज्य के लिए है, मैं हमेशा से जनता के मुद्दों को लेकर लड़ता आया हूं और आगे भी हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सरकार को सोचना चाहिए कि अपनी नीतियों और मुद्दों को लेकर बयान बाजी को चरितार्थ करें।








