टिहरी जनपद के चम्बा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कवरेज करने पहुंची एक महिला पत्रकार के साथ थाने में दरोगा ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनका कैमरा भी जबरन बंद कर दिया। आरोप है कि दरोगा रवि कुमार ने झपटा मारकर पत्रकार का कैमरा यह कहकर बंद कर दिया कि — “तुम वीडियो बनाने वाली होती कौन हो?”
घटना के दौरान थाने में महिला कांस्टेबल मौजूद थी, लेकिन दरोगा ने नियमों की अनदेखी करते हुए खुद महिला पत्रकार से अपमानजनक व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई, जब पत्रकार दो पक्षों के बीच हुए विवाद की कवरेज करने थाने पहुंची थीं।
सूत्रों के अनुसार, चम्बा पुलिस पर मामले को एकतरफा तरीके से निपटाने और एक निर्दोष व्यक्ति के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इसी विषय पर कवरेज करने गई महिला पत्रकार से दरोगा रवि कुमार ने पहले कैमरा बंद करने को कहा और फिर अभद्र व्यवहार किया।
जब महिला पत्रकार ने इस घटना की शिकायत दर्ज करानी चाही, तो थानेदार ने रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर पुलिस पत्रकार की रिपोर्ट दर्ज करने से क्यों बच रही है और कैमरा बंद करवाने की कोशिश क्यों की गई? दरोगा को प्रेस की स्वतंत्रता का उलंघन का अधिकार किसने दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने टिहरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में टिहरी पुलिस कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रही है, जिससे पुलिस की छवि पर लगातार सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और संबंधित दरोगा पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिसकर्मी ही पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की अनदेखी करेंगे, तो “मित्रता, सेवा और सुरक्षा” का नारा सिर्फ एक दिखावा बनकर रह जाएगा। वहीं महिला पत्रकार ने दरोगा के इस व्यवहार के खिलाफ उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। अब देखना यह होगा कि दरोगा जी पर कब तक और क्या कार्रवाई होगी।
🔍 मुख्य सवाल
क्या पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है?
क्या महिला से दुर्व्यवहार के बावजूद कार्रवाई से बचना विभागीय लापरवाही नहीं है?
आखिर टिहरी पुलिस बार-बार विवादों में क्यों घिर रही है?










