रुद्रप्रयाग। हाल फिलहाल रुद्रप्रयाग जनपद में एक पत्रकार को लेकर सर गर्मियों का माहौल है, माहौल दरअसल में पत्रकार ने खुद जारी किया है। महोदय को एक शराब की बोतल, जो कि उनके फेवरेट’ ब्रांड’ है, मुफ्त में नहीं दी तो उन्होंने आबकारी विभाग के खिलाफ कथित मोर्चा खोल दिया।
हालांकि आबकारी विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, वहां तक आवाज पहुंचाने के बजाय ठेके पर काम कर रहे बेरोजगारों को ब्लैकमेल किया जा रहा है।
यहां बता दें कि अवैध शराब के कारोबार का हम विरोध करते हैं, लेकिन अपने हित साधने के लिए किसी को प्रताड़ित करना गलत है।
हम बात करें माननीय पत्रकार जी की तो इनके घोटाले बदस्तूर जारी रहेंगे।
उद्यान विभाग से भी कई कड़ियां जुड़ रही हैं, जो पत्रकार महोदय के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।
विस्तृत जानकारी पाठकों को पार्ट 3 में मिलेगी।









