मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता अपने गांव वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी जान आफत में पड़ गई।
अचानक सफर के दौरान अंकिता की मां की तबीयत बिगड़ गई, जिस पर वाहन चालक ने गाड़ी रोक दी। वे उल्टी करने के लिए वाहन से उतरी ही थीं कि तभी वहां अचानक एक भालू आ धमका। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए वे तुरंत गाड़ी में वापस बैठ गईं, जिससे भालू के हमले से बाल-बाल बचाव हो सका। यह घटना उनके गांव के पास की बताई जा रही है।
वहीं अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने बताया कि गांव क्षेत्र में एक गुलदार लगातार सक्रिय है, जो उनके घर के आसपास कई बार दिखाई दे रहा है। गुलदार की लगातार मौजूदगी से परिवार सहित पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।









