रुद्रप्रयाग। तत्लानागपुर क्षेत्र के गुलदार प्रभावित गांवों में वन विभाग के कर्मचारियों को मौजूदगी में स्कूली बच्चों को स्कूल भेजा जा रहा है। वन विभाग ने अपने वाहन भी छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने-आने के लिए भेजे। स्वयं वन विभाग के एसडीओ और रेंजर बच्चों की सुरक्षा के प्रति व्यवस्थाएं करते दिखे।
ग्राम पंचायत जोदला के पाली मालली सहित आसपास के गांवों में स्कूली बच्चों को वन कर्मियों की सुरक्षा में स्कूल भेजा। वन विभाग की क्यूआरटी और आरआरटी टीम के सदस्यों द्वारा बच्चों को स्कूल भेजने और आने के दौरान कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुबह पाली मल्लनी से राइंका चोपड़ा और प्राइवेट स्कूल ब्लूमिंग चिल्ड्रन ऐकेडमी के करीब 45 छात्र-छात्राओं को वन विभाग की टीम को सुरक्षा में स्कूल भेजा गया। कई जगहों पर बच्चों को वाहन उपलब्ध कराए गए ताकि किसी तरह स्कूली बच्चों की पैदल आवाजाही न हो। गुलदार प्रभावित गांव से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर चोपड़ा स्थित स्कूल है। वहीं क्वीली, कुरक्षण, उर्तसु रुद्रप्रयाग के तल्लानागपुर के हन्दूलन, जॉदला, डुंगरी, सेमलसारी, धारकोट, चोपड़ा आदि स्थानों में भी वन विभाग स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए हैं। उप वन संरक्षक रजत सुमन ने बताया कि जब तक गुलदार का भय है तब तक स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर वन विभाग की कड़ी नजर रहेगी। वन कर्मियों के पहरे में बच्चों को स्कूल जाते और आते समय मदद की जाएगी। जबकि ग्रामीण महिलाओं को घास लेने और खेतों में जाने के लिए भी जागरूक और समूह के साथ जाने को कहा गया है। वन विभाग की 25 सदस्यीय टीम सदस्यीय टीम वन विभाग की लगातार क्षेत्र में दिन-रात गश्त में जुटी है।
यहां बता दें कि 2 दिन पूर्व गुलदार ने एक वृद्ध व्यक्ति को निवाला बनाया था, जिस कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है।










