रिपोर्ट – हरीश चन्द्र
रूद्रप्रयाग। महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित भीमाशंकर मठ में हिमवत केदार बैराग्यपीठ के 324वें जगद्गुरु श्री भीमाशंकर लिंग जी महाराज के पट्टाभिषेक रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित आठ दिवसीय विश्वशांति यज्ञ का समापन दिव्य और भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समापन के शुभ अवसर पर केदार जगद्गुरु रावल श्री भीमाशंकर लिंग जी शिवाचार्य महाराज ने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से विराम लेने की घोषणा की।

साथ ही श्री केदारलिंग जी महाराज को केदारपीठ का नया जगद्गुरु रावल नामित किया। इस पावन क्षण पर उन्हें माला और शाल ओढ़ाकर विधिवत दीक्षा दी गई।
इस निर्णय की औपचारिक पुष्टि 15 फरवरी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पंचकेदारों की गद्दीस्थली बैराग्यपीठ ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में स्थानीय हक-हकूकधारियों की गरिमामयी उपस्थिति में की जाएगी।
इसके उपरांत श्री केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद वीरशैव सम्प्रदाय के पांच पीठों के पंचाचार्यों द्वारा सर्वसम्मति से समर्थन देकर 325वें केदार जगद्गुरु के रूप में भव्य पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद वे विधिवत जगद्गुरु सिंहासन पर आसीन होंगे।










