रामनगर (नैनीताल)। राज्य कर विभाग ने वेडिंग बुकिंग के नाम पर हो रही बड़ी टैक्स चोरी को पकड़ने के लिए बॉलीवुड फिल्म जैसा प्लान बनाया। विभाग की एक महिला अधिकारी ने खुद को होने वाली दुल्हन बताया और सूट-बूट पहने एक सहयोगी को दूल्हा बनाकर रिसॉर्ट में एंट्री ली।
मामला रामनगर के ढेला और छोई इलाके के दो नामी वेडिंग रिसॉर्ट का है। विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि ये रिसॉर्ट शादी की बुकिंग पर जीएसटी नहीं दे रहे हैं और कैश में लेन-देन कर रहे हैं।
इस पर हल्द्वानी एसआईबी ने जाल बिछाया।
रुद्रपुर से टैक्सी बुक कराई गई, ताकि लोकल नंबर न लगे। वेडिंग पर्चा का स्टीकर गाड़ी पर लगाया गया, ताकि लगे कि सच में रिसॉर्ट देखने आए हैं। गेट पर ज्यादा पूछताछ से बचने के लिए ये तरीका अपनाया गया।
महिला अधिकारी ने फरवरी 2027 में होने वाली अपनी शादी की बुकिंग के बहाने रिसॉर्ट प्रबंधन से बात शुरू की। जैसे ही प्रबंधन ने कहा कि ऑनलाइन रेट से 40% कम में कैश में बुकिंग हो जाएगी और 60% रकम नकद ले लेंगे, तब टीम ने अपना असली कार्ड दिखा दिया।
उसके बाद 30 अक्टूबर सुबह 10 बजे से 31 अक्टूबर रात 8 बजे तक दोनों रिसॉर्ट में एक साथ 36 घंटे तक रिकॉर्ड खंगाले गए।
जांच में करीब ढाई करोड़ रुपये की कर चोरी का हिसाब मिला है। एक रिसॉर्ट ने तो मौके पर ही 25 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा कर दिए। विभाग ने वहां के बिल, व्हाट्सएप चैट, लैपटॉप और हार्ड डिस्क कब्जे में ले लिए हैं।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपायुक्त राज्य कर विनय ओझा कर रहे थे, जिसमें अनिल सिन्हा, ओम वर्मा, राहुल कांत, शिवपाल सिंह समेत 24 अधिकारियों की दो टीमें लगी थीं।
विभाग का कहना है कि ये तो शुरुआत है, रामनगर के कई और रिसॉर्ट रडार पर हैं।











