उत्तराखंड में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अलग-अलग जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है और प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है।
ताजा मामला बागेश्वर जिले का है, जहां 10 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी मिलने की खबर है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह मामला केवल 10-20 या 50 शिक्षकों तक सीमित नहीं है। शिक्षा विभाग के रडार पर सैकड़ों शिक्षक हैं, खासतौर पर पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में तैनात शिक्षक।
इन शिक्षकों के न केवल शैक्षिक प्रमाण पत्र, बल्कि TET प्रमाण पत्र भी संदेह के घेरे में हैं। जिला कैडर में काम कर रहे ऐसे शिक्षकों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कुंवर सिंह रावत के मुताबिक विभिन्न जिलों से शिकायतें मिलने के बाद जांच जारी है और फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








