उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आपदा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब तक 946 ग्रामीण सड़कें और 15 पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर कुमाऊं से सटे इलाकों पर भी दिख रहा है। कुमाऊं से सटे कंचनपुर में 25 से अधिक लोग भोटेकोशी की बाढ़ में लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें टनकपुर और बनबसा के सात लोग भी शामिल हैं। इसके बाद शारदा बैराज और शारदा नदी पर निगरानी बढ़ा दी गई है और चंपावत में एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया है और प्रदेश के लोगों के लिए हेल्पलाइन जारी की है।
वहीं टिहरी झील से पानी छोड़े जाने के कारण ऋषिकेश, हरिद्वार समेत नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग ने आज देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीएम धामी ने ग्लेशियर झीलों और आसपास के भूभाग के आकलन के लिए टीम भेजने के निर्देश भी दिए हैं।






