रूद्रप्रयाग। जखोली ब्लॉक के कुन्याली गांव में लोगों के सिर पर मौत की तरह लटक रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए विभाग ने ग्रामीणों से ही 10.89 लाख रुपये की मांग कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय विभाग उन पर ही आर्थिक बोझ डाल रहा है।
मामला 21 जुलाई 2026 को जखोली में आयोजित तहसील दिवस का है, जहां ग्राम प्रधान ने गांव की आबादी के ठीक ऊपर से गुजर रही खतरनाक 11 केवी लाइन को शिफ्ट करने की मांग उठाई थी। इस पर उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) के विद्युत वितरण खंड रुद्रप्रयाग ने 3 फरवरी 2026 को एक पत्र (संख्या 1535) जारी किया।
अधिशासी अभियंता द्वारा ग्राम प्रधान को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लाइन को हटाने के लिए 10,89,812 रुपये का प्राक्कलन बनाया गया है। यह राशि ग्राम प्रधान को भारतीय स्टेट बैंक, सुमाड़ी-भड़दार की शाखा में खाता संख्या 11798832188 में जमा करानी होगी। साथ ही शर्त रखी गई है कि यदि शिफ्टिंग के दौरान जमीन को लेकर कोई विवाद होता है, तो उसकी जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान की ही होगी।

ग्रामीणों में इस पत्र के बाद भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि आबादी के ऊपर से हाईटेंशन लाइन जाना ही विभाग की लापरवाही है, अब उसे ठीक करने के लिए भी उन्हीं से लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं।
इस विषय में जब हमने विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सती से बात करी तो उन्होंने ग्रामीणों का कहा है कि पैंसा जमा करें लाइन शिफ्ट हो जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा है कि इस खर्च को हम अपनी जेब से कैसे करें।
दरअसल यह विभागीय खर्चा है जो कि ग्रामीणों से अवैध रूप से वसूली की जा रही है, पूर्व में भी लाइन की चपेट में आने से एक व्यक्ति अपनी जान गंवा चुका है, अब ऐसे में विभाग की यह अवैध वसूली ग्रामीणों को रास नहीं आ रही है। ग्राम प्रधान का कहना है कि जल्द हाई टेंशन लाइन को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया गया तो विभाग ग्रामीणों के आक्रोश के लिए तैयार रहे।








