चमोली। पीपलकोटी के मायापुर में बन रही टीएचडीसी की जलविद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार रात अचानक आए मलबे और पानी ने बड़ा हादसा कर दिया। टनल के अंदर उस वक्त 28 मजदूर काम कर रहे थे। पानी का तेज बहाव और मलबा गिरते ही अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने तुरंत काम शुरू किया। अब तक 7 मजदूरों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। 12 मजदूर घायल अवस्था में बाहर लाए गए हैं। इनमें से 11 का इलाज गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है और एक घायल को पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि एक घायल की हालत नाजुक है, उसे हायर सेंटर भेजा गया है।
इस हादसे में 6 मजदूर खुद ही सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। लेकिन अब भी 3 मजदूर टनल के अंदर लापता हैं। SDRF, NDRF, पुलिस और सेना की टीमें लगातार अंदर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मलबे और पानी की वजह से अंदर जाना मुश्किल हो रहा है, फिर भी टीमें हर कोने को खंगाल रही हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन अलर्ट हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे मामले की निगरानी शुरू कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य में तेजी लाई जाए और घायलों को बेहतर इलाज दिया जाए। मृतकों के परिवारों को हर संभव मदद देने का भी आश्वासन दिया गया है।
बारिश के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ों में निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने टनल और आसपास के क्षेत्र की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं ताकि हादसे की असल वजह सामने आ सके।
अभी बचाव दल लापता तीन मजदूरों को ढूंढने में जुटे हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में कोई सुराग मिल सके।








