देहरादून। राष्ट्रीय सहारा अखबार के देहरादून कार्यालय पर जिला प्रशासन ने ताला जड़ दिया है। कई महीनों से कर्मचारियों को तनख्वाह न मिलने और लेबर विभाग के नोटिस को नजरअंदाज करने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया। अमीन और पुलिस की मौजूदगी में प्रेस, जनरेटर, कंप्यूटर समेत पूरी संपत्ति को सील कर दिया गया। प्रशासन अब इन सामानों की नीलामी कराएगा और उससे जो रकम आएगी उसे बकाया वेतन के तौर पर कर्मचारियों में बांट दिया जाएगा।
राष्ट्रीय सहारा ने 8 जनवरी को अचानक अखबार बंद कर दिया था। बंद करने से पहले ही करीब 4 महीने से स्टाफ को वेतन नहीं दिया जा रहा था। अखबार बंद होने के बाद भी किसी को भुगतान नहीं मिला। इसके बाद लेबर विभाग ने आरसी जारी की और तालाबंदी की प्रक्रिया शुरू की।
कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से कई लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस दौरान एक कर्मचारी को कैंसर भी हो गया है। स्टाफ का आरोप है कि सीलिंग का नोटिस मिलने के बाद प्रबंधन ने चोरी-छिपे कुछ सामान हटाया और विज्ञापन की वसूली के लिए ऑफिस को गुप्त तरीके से चलाने की कोशिश की। कर्मचारियों के मुताबिक कंपनी बंद हो चुकी है, ऐसे में की जा रही वसूली गलत है और उसका पैसा भी प्रबंधन के लोग ही आपस में बांट रहे हैं।








