नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया। मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया था। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी तिरंगा और बैनर लेकर जंतर-मंतर पर जमा हुए और नारेबाजी करते हुए संसद मार्ग की ओर बढ़ने लगे।
प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग पर पहले से लगाए गए बैरिकेड पर रोक दिया गया। जब वे बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो हालात तनावपूर्ण हो गए। स्थिति बिगड़ती देख दिल्ली पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई। रैपिड एक्शन फोर्स और अर्धसैनिक बलों को मौके पर तैनात किया गया और पूरे संसद मार्ग इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे पांच मेट्रो स्टेशन भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
CJP पिछले कई हफ्तों से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में हुई अनियमितताओं की सीबीआई जांच और पीड़ित छात्रों के परिजनों को मुआवजे की मांग कर रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, प्रदर्शन के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अचानक गृह मंत्री अमित शाह के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बैठक चली। सूत्रों के अनुसार बैठक में राजधानी की कानून व्यवस्था, प्रदर्शनकारियों की मांगों और परीक्षा प्रणाली में सुधार के संभावित उपायों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और इस मामले में जल्द ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। प्रशासन ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।







