हरिद्वार के वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक त्रिपाठी ने “हरिद्वार कॉरिडोर योजना” के तहत चल रहे सतीकुंड पुनरोद्धार कार्य में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 5 करोड़ रुपये में हो सकने वाला काम 61 करोड़ रुपये में गुजरात की एक कंपनी को दे दिया गया।
अशोक त्रिपाठी हरिद्वार के पहले जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष और श्रीगंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सतीकुंड एक प्राचीन तीर्थ है और इसका जीर्णोद्धार जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की कि इस पूरे मामले पर सरकार सार्वजनिक रूप से सफाई दे और बताए कि आखिर इतनी बड़ी लागत कैसे तय की गई।
त्रिपाठी ने यह भी कहा कि वह 50 साल से भाजपा के साथ जुड़े हैं। पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है और विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं रखी जा रही।
नेता के आरोपों के बाद अब सतीकुंड योजना को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।








