बदरीनाथ। धाम में दानपात्रों से मिलने वाले चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अब तेज हो गई है। शासन ने मामले की पड़ताल के लिए गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष समिति गठित की थी।
सोमवार को यह टीम बदरीनाथ पहुंची और मंदिर परिसर में करीब साढ़े तीन घंटे तक जांच पड़ताल की। कमेटी में जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान भी शामिल थे।
टीम ने सबसे पहले मंदिर और परिक्रमा मार्ग में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। इसके बाद गणना कक्ष में जाकर दान गिनने की पूरी प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों ने गणना रजिस्टरों और वित्तीय दस्तावेजों को भी बारीकी से जांचा।
जांच समिति ने कहा कि मामले की गहराई तक जाने के लिए आगे फॉरेंसिक और साइबर सेल की सहायता ली जाएगी। सीसीटीवी फुटेज और हिसाब-किताब के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे को लेकर पिछले कुछ दिनों से सवाल उठ रहे थे। श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पारदर्शिता को देखते हुए सरकार ने यह हाई पावर जांच बैठाई है। अब समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।









