देहरादून। ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में करीब दो महीने पहले हुए हाई-प्रोफाइल बवाल और मारपीट का अब पटाक्षेप हो गया है।
रायपुर क्षेत्र के भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और शिक्षा निदेशक को पुलिस ने इस मामले में क्लीन चिट देदी है। दोनों पक्षों की ओर से आगे कोई कानूनी कार्रवाई न चाहने का शपथ पत्र दिए जाने के बाद रायपुर थाना पुलिस ने केस बंद करने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी है।
यह घटना बीते 21 फरवरी को शिक्षा ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में हुई। इसके बाद रायपुर थाने में दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज किए गए थे। एसपी देहात जया बलोनी ने बताया कि पुलिस तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही थी। इसी बीच दोनों ने पक्षों एसएसपी कार्यालय में एक शपथ पत्र सौंप दिया। जिसमें उन्होंने आपसी सहमति का हवाला देते हुए मामले में आगे की कार्रवाई न चाहने की बात कही। वहां से यह शपथ पत्र थाने पहुंचा। जिसे आधार बनाते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के केसों में कोर्ट में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
एसपी देहात के मुताबिक अगर केस दर्ज कराने वाले अपना केस वापस न लेते तो पुलिस जांच में मिलने वाले तथ्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कोर्ट में रिपोर्ट भेजती। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब दौर जारी था। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया लगभग समाप्त मानी जा रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से चर्चाओं का चर्चाओं का बाजार गर्म था।






